Friday, July 19, 2024

28 खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी, 12 की रोकी, इसके अलावा 16 अन्य खिलाड़ियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी अधर में

अनुशंसा समिति ने खेल विभाग को 16 खिलाड़ियों के दस्तावेजों की गहन जांच करने का दिया था आदेश, अधिकारियों ने थामी चुप्पी

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रांची

sportsjharkhand.com टीम

 

 

खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति प्रक्रिया में अनुशंसा समिति ने 24 दिसंबर 2020 को 40 खिलाड़ियों को नौकरी देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी। साथ ही प्रशासी विभाग को ये निर्देश दिया था कि चौथे से आठवें स्थान पर रहनेवाले 16 खिलाड़ियों के दस्तावेजों की गहनता से जांच कर अनुशंसा समिति की अगली बैठक में रखा जाए। अनुशंसा समिति की टिप्पणी थी (नीचे टिप्पणी भाग भी देखें)

“निम्न वर्णित आवेदकों द्वारा राष्ट्रीय खेलों में चौथे से आठवें स्थान प्राप्त करने का दावा किया जा रहा है। इन मामलों में समिति द्वारा विस्तार से विचार किया गया। यह महसूस किया गया कि इन आवेदकों द्वारा प्रतिस्पर्धा में स्थान प्राप्त करने के संबंध में कोई स्पष्ट प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। भविष्य में कोई विवाद नहीं हो, इसलिए इस बिंदु पर गहन जांच की आवश्यकता है कि प्रतिस्पर्धा में आवेदक द्वारा जो स्थान प्राप्त करने का दावा किया गया है वह सही है या नहीं। प्रशासी विभाग इन मामलों की जांच कर अनुशंसा समिति की अगली बैठक में इसे विचारार्थ रखे:-“

28 खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी, 12 की रोकी, इसके अलावा 16 अन्य खिलाड़ियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी अधर में
छह माह गुजर चुके हैं लेकिन प्रशासी विभाग के जिम्मेवार पदाधिकारियों खेल सचिव व खेल निदेशक 16 खिलाड़ियों के नौकरी से जुड़े मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं। sportsjharkhand.com ने शुक्रवार की दोपहर को दोनों अधिकारियों से इस बावत कुल पांच सवाल पूछे थे। उत्तर सिफर ही रहा है। जाहिर है 16 खिलाड़ियों की जिंदगी बदल देनेवाली ये फाइल सरकारी बेेतालखाते में आराम फरमा रही होगी। इन 16 खिलाड़ियों में से ज्यादातर खिलाड़ियों ने 34वें राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया था और आश्चर्य की बात कि इस खेल के आयोजन समिति के महासचिव स्वयं खेल सचिव थे जबकि निदेशक महोदय आयोजन समिति में भी निदेशक की भूमिका में थे। मतलब ये कि दोनों अधिकारी अपने ही आॅफिस के किसी कोने में रखी खेल आयोजन से जुड़ी एकाध फाइल को निकालकर ये पता कर सकते हैं कि उपरोक्त 16 खिलाड़ियों के दावे सही हैं या नहीं। लेकिन छह माह बाद भी ऐसा नहीं हो पाया है। नियुक्ति वर्ष में अधिकारियों की सुस्ती जाने का नाम नहीं ले रही।

 

इन 16 खिलाड़ियों के दस्तावेजों की होनी है जांच

 

गणेश चंद्र महतो एथलेटिक्स

भीष्म कुमार कुश्ती

बबलु कुमार कुश्ती

सुनीता गाड़ी वुशु

मीनु मुंडा वुशु

रंधीर उरांव वुशु

प्रतिमा कुमारी वुशु

धनंजय गौतम वुशु

चंदन कुमार वुशु

गीता खलखो वुशु

अविनाश कुमार गंझू वुशु

मोहम्मद वसीम अकरम एथलेटिक्स

लखराज प्रसाद एथलेटिक्स

दीपक गोप वुशु

राजीव उपाध्याय वुशु व

दिनेश यादव वुशु

 

 

इन पांच सवालों पर अधिकारियों ने थामी है चुप्पी ⇓

 

12 अनुशंसित खिलाड़ियों को भी है नौकरी का इंतजार

घोड़े के थुथून पर हरी गाजर बांध कर दौड़ाए जाने की कहानी आपने सुनी होगी। 28 खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति करने के बाद खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति प्रक्रिया में भी अधिकारी इसी कहानी को दोेहराने में जुटे हुए हैं। आज होगा ? कल होगा ? एक सप्ताह में होगा ? 5 को होगा ? 15 को होगा ? 27 को होगा ? 29 को होगा ? होते होते तीन माह से ज्यादा हो गए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अनुशंसा समिति ने 32 खिलाड़ियों को बिना शर्त और 8 खिलाड़ियों को उम्र व शिक्षा की पात्रता में विशेष छूट देते हुए नौकरी देने की अनुशंसा की थी। 28 को सीएम ने नियुक्ति पत्र दे दिया था। 12 खिलाड़ी गाजर की तरह नौकरी को रोजाना सिर्फ देख रहे हैं और नौकरी है कि मिल ही नहीं रही।

 

“मुख्य सचिव के निर्देश के बावजूद नियुक्ति से जुड़े मसले पर भी इतनी असंवेदनशीलता शर्मनाक है। खेल व खिलाड़ियों के हितों की बातों पर ध्यान देने की फुर्सत खेल विभाग से जुड़े 5 स्टार अधिकारियों को नहीं हैं। अगर अधिकारियों का यही रवैया रहा तो झारखंड ओलंपिक संघ खेल व खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए क्रमबद्ध आंदोलन करेगा।”

मधुकांत पाठक, महासचिव, झारखंड ओलंपिक संघ

 

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